Thursday, November 12, 2009

शायरी

अगर हम न होते तो ये गज़ल कौन कहता,तुम्हारे इस चाँद से चेहरे को कमल कौन कहता,ये तो तोफ़ा हे मौहब्बत का,वरना इस पथ्थर को ताज़महल कौन कहता.........सोनू

Sunday, November 1, 2009

शायरी

ऐ दोस्त तेरे लिए तुफानो से टकराएंगे,समुन्द्र की गहराईओ मेँ उतर जाएंगे,मारने के लिऐ तलवार की जरुरत नहीँ,अपने दिल से निकाल देना हम बहीँ मर जाएंगे |

Saturday, October 31, 2009

मेरी प्रिय शायरी और कहावत

"इतनी शिदत्त से मैने तुम्हेँ पाने की कोशिश की है,कि हर ज़र्रे ने तुम्हेँ मुझसे मिलाने की साज़िश की है"

(कहते हैँ अगर किसी चीज़ को दिल से चाहो तो पूरी क़ायनात तुम्हे उससे मिलाने की कोशिश मे लग जाती है)

हर फिल्म की 'The end' मे सब कुछ ठीक हो जाता है "HAPPY ENDING" (हैप्पी एन्डिग) अगर किसी फिल्म मे ठीक न हो तो वो 'The end' नही "पिक्चर अभी वाकी है मेरे दोस्त"

शायरी

सताले चाहे जितना मुझे ऐ ज़िन्दगी
पर तेरे सताने का मुझे ग़म न होगा

रोयेगी एक दिन तू भी मुझ पर
जब आँखे खुली रहेँगी मेरी और दम न होगा..........(सोनू)

शायरी

तुम्हारी दोस्ती का सिला हर हाल मे देंगे,खुदा भी मांगे ये दिल तो उसे भी टाल देंगे,अगर दिल ही कहे तुम बेवफा हो,तो दोस्त इसे भी सीने से निकाल देँगे.............
SONU

R.N शायरी

आपकी याद न आये तो हम बेवफा,आप बुलाओ और हम न आयेँ तो हम बेवफा,मारने के लिऐ खंजर की ज़रूरत नही,एक बार नज़र फेरलो न मर जायेँ तो हम बेवफा......

लेखक : सोनू

गाने का टुकड़ा

उनके चेहरे की ये नार्मियाँ,उनकी ज़ुल्फोँ की ये बदलियाँ,उनकी आँखो के रोशन दिये,उनको होँठो की ये सुर्खिया...........सोनू