Saturday, October 31, 2009

मेरी प्रिय शायरी और कहावत

"इतनी शिदत्त से मैने तुम्हेँ पाने की कोशिश की है,कि हर ज़र्रे ने तुम्हेँ मुझसे मिलाने की साज़िश की है"

(कहते हैँ अगर किसी चीज़ को दिल से चाहो तो पूरी क़ायनात तुम्हे उससे मिलाने की कोशिश मे लग जाती है)

हर फिल्म की 'The end' मे सब कुछ ठीक हो जाता है "HAPPY ENDING" (हैप्पी एन्डिग) अगर किसी फिल्म मे ठीक न हो तो वो 'The end' नही "पिक्चर अभी वाकी है मेरे दोस्त"

शायरी

सताले चाहे जितना मुझे ऐ ज़िन्दगी
पर तेरे सताने का मुझे ग़म न होगा

रोयेगी एक दिन तू भी मुझ पर
जब आँखे खुली रहेँगी मेरी और दम न होगा..........(सोनू)

शायरी

तुम्हारी दोस्ती का सिला हर हाल मे देंगे,खुदा भी मांगे ये दिल तो उसे भी टाल देंगे,अगर दिल ही कहे तुम बेवफा हो,तो दोस्त इसे भी सीने से निकाल देँगे.............
SONU

R.N शायरी

आपकी याद न आये तो हम बेवफा,आप बुलाओ और हम न आयेँ तो हम बेवफा,मारने के लिऐ खंजर की ज़रूरत नही,एक बार नज़र फेरलो न मर जायेँ तो हम बेवफा......

लेखक : सोनू

गाने का टुकड़ा

उनके चेहरे की ये नार्मियाँ,उनकी ज़ुल्फोँ की ये बदलियाँ,उनकी आँखो के रोशन दिये,उनको होँठो की ये सुर्खिया...........सोनू

Thursday, October 29, 2009

शायरी

काटे नही कटते लम्हेँ इंतज़ार के,नज़रे जमा के बैठे हैँ रस्ते पे यार के,दिल ने कहा हम भी देखेँ जलवे हुस्न यार के,लाया है इन्हेँ कौन फलक से उतार के । । । । । (सोनू)

Wednesday, October 28, 2009

फिल्म :- राजा गाना : किसी दिन बनूँगी मैँ राजा की रानी ॥

माधुरी : किसी दिन बनुँगी मैँ राजा की रानी
संजय कपूर : ज़रा फिर से कहना
माधुरी : बड़ी दिल रुबा है ये सारी कहानी
संजय कपूर : ज़रा फिर से कहना
माधुरी : अभी तो मिले हो अभी तुम न जाना के दिल बन गया है तुम्हारा दिबाना
संजय कपूर : ज़रा फिर से कहना
संजय कपूर : झुकी-झुकी नज़र तेरी कमाल कर गयी
उठी जो एक बार सौ (100) सवाल कर गयी ॥ 2
माधुरी : मेरी जबान धड़कनो मे तेरी प्यास थी
लगा ये तुझको देख के तेरी तलाश थी
संजय कपूर : तश्वीर तेरी दिलवर मै दिल मे उतारुँगा
उलझे-उलझे तेरे केशो को सवारुँगा
माधुरी : ज़रा फिर से कहना
संजय कपूर : किसी दिन बनेगी तू राजा की रानी
माधुरी : ज़रा फिर से कहना
माधुरी : किसी दिन बनुँगी मै राजा की रानी
संजय कपूर : ज़रा फिर से कहना
माधुरी : तू फूल है चमन का मैँ कली वहार की
मेरे लवो पे लिख दे दास्तान प्यार की ॥ 2
संजय कपूर : तू इश्क की ज़ुबान हुश्न का वयान है
तू जांनशीन जानेजा तू मेरी जान है
माधुरी : तारीफ़ न कर इतनी मै होश गवा बैठूँ
ऐसा न हो चाहत मे दुनिया को भुला बैठूँ
संजय कपूर : ज़रा फिर से कहना
माधुरी : किसी दिन बनुँगी मैँ राजा की रानी
संजय कपूर : ज़रा फिर से कहना
(दोनो) : हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ
संजय कपूर : किसी दिन बनेगी तू राजा की रानी
माधुरी : ज़रा फिर से कहना । । । । । ।
(समाप्त)
ज़ुबैर आलम
(SONU.N)