Saturday, October 31, 2009

शायरी

तुम्हारी दोस्ती का सिला हर हाल मे देंगे,खुदा भी मांगे ये दिल तो उसे भी टाल देंगे,अगर दिल ही कहे तुम बेवफा हो,तो दोस्त इसे भी सीने से निकाल देँगे.............
SONU

10 comments:

  1. कम उम्र में बेहतरीन शायरी ।
    बधाई व शुभकामनाएं ।

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  2. ब्लॉग परिवार में स्वागत है!लिखते और पढ़ते रहिये...!अपने विचार रखिये..

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  3. चिटठा जगत में आपका हार्दिक स्वागत है. लेखन के द्वारा बहुत कुछ सार्थक करें, मेरी शुभकामनाएं.
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    महिलाओं के प्रति हो रही घरेलू हिंसा के खिलाफ [उल्टा तीर] आइये, इस कुरुती का समाधान निकालें!

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  4. Bahut hi shubh aagaz hua hai adab ki mehfil mein
    Rang aisa hi bharo tum
    koi sailaab hi aa jaye

    Shubhkamanon ke saath

    Devi nangrani

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  5. हिंदी ब्लॉग लेखन के लिए स्वागत और शुभकामनायें
    कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें तथा अपने सुन्दर
    विचारों से उत्साहवर्धन करें

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