Friday, September 12, 2014

For some one special......

Mohabbat barsa dena tu, sawan aaya hai
Tere aur mere milne ka, mausam aaya hai
Mohabbat barsa dena tu, saawan aaya hai
Tere aur mere milne ka, mausam aaya hai

Sabse chhupa ke tujhe seene se lagaana hai
Pyar mein tere hadd se guzar jaana hai
Itna pyar kisi pe, pehli baar aaya hai

Mohabbat barsa dena tu, sawan aaya hai
Tere aur mere milne ka, mausam aaya hai

Kyun ek pal ki bhi judaai sahi jaaye na
Kyun har subah tu meri sanson me samaye na
Aaja na tu mere paas, dunga itna pyar main
Kitni raat guzaari hai, tere intezar mein

Kaise bataaun jazbaat ye mere
Maine khud se bhi zyada tujhe chaaha hai
Sab kuch chhod ke aana tu, sawan aaya hai
Tere aur mere milne ka, mausam aaya hai

Sabse chhupa ke tujhe seene se lagaana hai
Pyar mein tere hadd se guzar jaana hai
Itna pyar kisi pe, pehli baar aaya hai

Bheege bheege tere lab,
mujhko kuch kehte hain
Dil hai khush mera ki khayal ek jaise hain :)
Roko na ab khudko yun sun lo dil ki baat ko
Dhal jaane do shaam aur aa jaane do raat ko
Kitna haseen ye lamha hai
Kismat se maine churaaya hai

Aaj ki raat na jaana tu, sawan aaya hai
Tere aur mere milne ka, mausam aaya hai

Sabse chhupa ke tujhe seene se lagaana hai
Pyar main tere hadd se guzar jaana hai
Itna pyar kisi pe, pehli baar aaya hai

Zoya only for you.............from Zubbu

Friday, September 20, 2013

Improve Eyesight

_Eye Exercises
1_ Blink your eyes as fast as you can for some time.
2_ Close the eyes tightly for some time and then open. Do this for 5 times.
3_Roll your eyes in clockwise as well as anticlockwise direction for 5 times.
4_While walking on the road or when you are in an open space, look as far as possible.
5_ Look at an advertisement or some written material from a far place and try to read it by focusing your eyes.

_Food that is good for Eyes

1_ Carrot
2_ Eggs
3_ Milk
4_ Apricots
5_Berries
6_ Black Currants
7_ Cold-water Fish
8_Collard Greens
9_Grapefruits
10_ Grapes
11_ Lemons
12_ Spinach
13_Fish Oils

_Harmful for your eyes
1_ Foods and additives containing Monosodium Glutamate (MSG)
2_ Looking directly into the sun for some time.
3_Drugs which are harmful to the eyes
4_Cell phone games may also be harmful.

Monday, March 18, 2013

Naqaab

मै तो पागल ही हो  गया  नक़ाब में उनकी आँखे देखकर .......
ना  जाने  वो शख्स कैसे रोज़ आइना देखता होगा ......


लेखक
ज़ुबैर  आलम 

Saturday, March 2, 2013

Saturday, November 3, 2012

छोटू और सलीम मोहर्रम पर ढोल बजाते हुए

 छोटू और सलीम मोहर्रम पर ढोल बजाते हुए !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!

ये विडियो ज़ुरूर देखें !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!



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जुबैर आलम (सोनू )

Saturday, December 3, 2011

जब हम किसी चीज़ को पाने की चाह रखे तो हमे उसकी राह में आने बाली मुश्किलों को याद नहीं करना चाहिए उससे हमारा विश्बास कमज़ोर हो जाता है ..
हमें हमारे लक्ष्य की तरफ और उसकी बजह से मिलने  बाली इज्ज़त और तारीफ़ के बारे में सोचना चाहिए इससे हमारा विश्बास और उसे पाने की चाह और बड़ जायेगी...........

 


                                                                                                 लेखक
                                                                                        जुबैर आलम (सोनू )

Saturday, September 17, 2011


नज़र मुझसे मिलाती हो तो तुम शरमा-सी जाती हो
इसी को प्यार कहते हैं, इसी को प्यार कहते हैं।

जबाँ ख़ामोश है लेकिन निग़ाहें बात करती हैं
अदाएँ लाख भी रोको अदाएँ बात करती हैं।
नज़र नीची किए दाँतों में उँगली को दबाती हो।
इसी को प्यार कहते हैं, इसी को प्यार कहते हैं।

छुपाने से मेरी जानम कहीं क्या प्यार छुपता है
ये ऐसा मुश्क है ख़ुशबू हमेशा देता रहता है।
तुम को सब जानती हो फिर भी क्यों मुझको सताती हो?
इसी को प्यार कहते हैं, इसी को प्यार कहते हैं।

तुम्हारी प्यार का ऐसे हमें इज़हार मिलता है
हमारा नाम सुनते ही तुम्हारा रंग खिलता है
और फिर साज़-ए-दिल पे तुम हमारे गीत गाती हो।
इसी को प्यार कहते हैं, इसी को प्यार कहते हैं।

तुम्हारे घर में जब आऊँ तो छुप जाती हो परदे में
मुझे जब देख ना पाओ तो घबराती हो परदे में
ख़ुद ही चिलमन उठा कर फिर इशारों से बुलाती हो।
इसी को प्यार कहते हैं, इसी को प्यार कहते हैं।

Thursday, May 27, 2010

एक संवाद माँ के साथ

माँ तुम मुझे याद आती हो
सच ! तुम याद आती हो
कभी आँखो मे आँसू बनकर
कभी दिल मे हौसला बनकर
कभी चेहरे पर मुस्कुराहट बनकर
सच तुम याद आती हो ॥

माँ मै तुम्हैँ देख सकता हूँ
छू नही सकता
मै तुमसे कह सकता हूँ
सुन नही सकता
मै तुम्हैँ महसूस कर सकता हूँ
लिपट नही सकता ॥

माँ मैँ आज भी गीला तौलिया बिस्तर पर भूल जाता हूँ
मैँ आज भी कोई चीज़ ढंग से नही रखता हूँ
मैँ आज भी कमरे मे जूते ले जाता हूँ !

डांटने के लिए ही सही
एक बार तो आओ
आना चाहोगी ?
आ पाओगी ?

अब बच्चा भी नही हूँ
कि समझ लूं तुम आ जाओगी
बड़े होने का दुख भी यही है
कि हम सच जानते हैँ
माँ तुम याद आती
सच ! तुम बहुत याद आती हो ॥ ॥
{समाप्त}

माँ आपका लाडला बेटा ज़ुबैर आलम उर्फ सोनू

Wednesday, February 24, 2010

माँ

के दुनिया जिसको माँ कहती है ज़ात बड़ी बा-बरकत है-2
के माँ ऐसी हसती जिसके कदम के नीचे जन्नत है ।

के माँ ने अपने खून-ए-जिगर से दुनिया को सहराब किया-2
के गौश-ए-वलि और पीर-ओ-पैगंबर सबको माँ ने जन्म दिया-2
के माँ के हँसी पैकर मे देखो-3
शान-ए-रव्वुल इज़्ज़त है
के माँ ऐसी हसती जिसके कदम के नीचे जन्नत है

दुनिया----------बरकत है

और घर बाले सब सो जाते है-2
जागती माँ रह जाती है-2
के बच्चे के आराम के खातिर हर दु:ख बो सह जाती है-2
के माँ के आँचल के साये मे-3
चैन-ओ-सुकून है राहत है
के माँ ऐसी हसती जिसके कदम के नीचे जन्नत है

दुनिया-----------बरकत है

और माँ की एक छोटी सी हँसी से-2
दिल का चमन खिल जाता है-2
और माँ की आँख मे आँसू हो तो-2
अर्श-ए-खुदा हिल जाता है
के माँ की अज़मत जो न समझे-3
उस पे खुदा की लानत है
के माँ ऐसी हसती है जिसके कदम के नीचे जन्नत है

दुनिया----------बरकत है

माँ की दुआँऐ लेकर जब मे-2
अपने घर से निकलता हूँ-2
ऐसा लगता है के जन्नत-2
की वादी मे टहलता हूँ
के माँ की दुआ के सदके मे-3
हर-सू-जहाँ मे शोहरत है
माँ ऐसी हसती है जिसके
कदम के नीचे जन्नत है

उसके दिल से जाकर पूछो-2
जिसकी माँ मर जाती है-2
मन का आँगन दिल की दुनिया-2
सब सूना कर जाती है-2
के माँ ही घर की रोनक है-3
और माँ ही ज़ीनत है
अरे ! माँ ऐसी हसती जिसके
कदम के नीचे जन्नत है

दुनिया-----------बरकत है

प्यारे बच्चो तुम भी समझो-2
माँ को दिल से कदर करो
के माँ की खिदमत फर्ज़ है तुम पर-2
माँ को कभी तकलीफ न दो
के शबनम तुम भी समझो माँ के-3
ज़ात सरापा रहमत है
माँ ऐसी हसती है जिसके
कदम के नीचे जन्नत है

दुनिया जिसको माँ कहती है
ज़ात बड़ी बा-बरकत है ।



(मेरी स्वर्गिय माँ की याद मे)

लेखक :ज़ुबैर आलम उर्फ सोनू

Wednesday, January 13, 2010

गज़ल

वो पथ्थर दिल नज़र कातिल जो मेरा यार हो जाऐ,
मेरी भी ईद हो जाऐ मेरा त्यौहार हो जाऐ।
सुवह से शाम तक यूंही तेरी गलियोँ मे फिरता हूँ,
न जाने किस बहाने से तेरा दीदार हो जाऐ।
तुझे मै जां लिखूँ जानम लिखूँ जाना ये जानेजां,
यही हर फूल की किस्मत गले का हार हो जाऐ।

Sunday, December 6, 2009

शायरी

बेखुदी की ज़िन्दगी हम जिया नही करते..........जाम दूसरो का छीन कर हम पिया नही करते.......उन्हेँ मौहब्बत है तो आकर इज़हार करेँ.........पीछा हम भी किसी का कभी किया नही करते।।।।।
सोनू

Thursday, November 12, 2009

शायरी

अगर हम न होते तो ये गज़ल कौन कहता,तुम्हारे इस चाँद से चेहरे को कमल कौन कहता,ये तो तोफ़ा हे मौहब्बत का,वरना इस पथ्थर को ताज़महल कौन कहता.........सोनू

Sunday, November 1, 2009

शायरी

ऐ दोस्त तेरे लिए तुफानो से टकराएंगे,समुन्द्र की गहराईओ मेँ उतर जाएंगे,मारने के लिऐ तलवार की जरुरत नहीँ,अपने दिल से निकाल देना हम बहीँ मर जाएंगे |

Saturday, October 31, 2009

मेरी प्रिय शायरी और कहावत

"इतनी शिदत्त से मैने तुम्हेँ पाने की कोशिश की है,कि हर ज़र्रे ने तुम्हेँ मुझसे मिलाने की साज़िश की है"

(कहते हैँ अगर किसी चीज़ को दिल से चाहो तो पूरी क़ायनात तुम्हे उससे मिलाने की कोशिश मे लग जाती है)

हर फिल्म की 'The end' मे सब कुछ ठीक हो जाता है "HAPPY ENDING" (हैप्पी एन्डिग) अगर किसी फिल्म मे ठीक न हो तो वो 'The end' नही "पिक्चर अभी वाकी है मेरे दोस्त"

शायरी

सताले चाहे जितना मुझे ऐ ज़िन्दगी
पर तेरे सताने का मुझे ग़म न होगा

रोयेगी एक दिन तू भी मुझ पर
जब आँखे खुली रहेँगी मेरी और दम न होगा..........(सोनू)

शायरी

तुम्हारी दोस्ती का सिला हर हाल मे देंगे,खुदा भी मांगे ये दिल तो उसे भी टाल देंगे,अगर दिल ही कहे तुम बेवफा हो,तो दोस्त इसे भी सीने से निकाल देँगे.............
SONU

R.N शायरी

आपकी याद न आये तो हम बेवफा,आप बुलाओ और हम न आयेँ तो हम बेवफा,मारने के लिऐ खंजर की ज़रूरत नही,एक बार नज़र फेरलो न मर जायेँ तो हम बेवफा......

लेखक : सोनू

गाने का टुकड़ा

उनके चेहरे की ये नार्मियाँ,उनकी ज़ुल्फोँ की ये बदलियाँ,उनकी आँखो के रोशन दिये,उनको होँठो की ये सुर्खिया...........सोनू

Thursday, October 29, 2009

शायरी

काटे नही कटते लम्हेँ इंतज़ार के,नज़रे जमा के बैठे हैँ रस्ते पे यार के,दिल ने कहा हम भी देखेँ जलवे हुस्न यार के,लाया है इन्हेँ कौन फलक से उतार के । । । । । (सोनू)

Wednesday, October 28, 2009

फिल्म :- राजा गाना : किसी दिन बनूँगी मैँ राजा की रानी ॥

माधुरी : किसी दिन बनुँगी मैँ राजा की रानी
संजय कपूर : ज़रा फिर से कहना
माधुरी : बड़ी दिल रुबा है ये सारी कहानी
संजय कपूर : ज़रा फिर से कहना
माधुरी : अभी तो मिले हो अभी तुम न जाना के दिल बन गया है तुम्हारा दिबाना
संजय कपूर : ज़रा फिर से कहना
संजय कपूर : झुकी-झुकी नज़र तेरी कमाल कर गयी
उठी जो एक बार सौ (100) सवाल कर गयी ॥ 2
माधुरी : मेरी जबान धड़कनो मे तेरी प्यास थी
लगा ये तुझको देख के तेरी तलाश थी
संजय कपूर : तश्वीर तेरी दिलवर मै दिल मे उतारुँगा
उलझे-उलझे तेरे केशो को सवारुँगा
माधुरी : ज़रा फिर से कहना
संजय कपूर : किसी दिन बनेगी तू राजा की रानी
माधुरी : ज़रा फिर से कहना
माधुरी : किसी दिन बनुँगी मै राजा की रानी
संजय कपूर : ज़रा फिर से कहना
माधुरी : तू फूल है चमन का मैँ कली वहार की
मेरे लवो पे लिख दे दास्तान प्यार की ॥ 2
संजय कपूर : तू इश्क की ज़ुबान हुश्न का वयान है
तू जांनशीन जानेजा तू मेरी जान है
माधुरी : तारीफ़ न कर इतनी मै होश गवा बैठूँ
ऐसा न हो चाहत मे दुनिया को भुला बैठूँ
संजय कपूर : ज़रा फिर से कहना
माधुरी : किसी दिन बनुँगी मैँ राजा की रानी
संजय कपूर : ज़रा फिर से कहना
(दोनो) : हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ
संजय कपूर : किसी दिन बनेगी तू राजा की रानी
माधुरी : ज़रा फिर से कहना । । । । । ।
(समाप्त)
ज़ुबैर आलम
(SONU.N)